Baha Parab Celebrations
A village in Dumka

Baha Parab (Flower Festival) is a festival of the Santhal, Kol, Ho, Oraon and Munda tribes. Baha means flower. This festival welcomes the arrival of the spring season. During the festival, men, women and children, attired in traditional clothes, dance to the beats of the drums.

बाहा पर्व का त्यौहार
दुमका एक गांव

बाहा पर्व (फुल महोत्सव) कोल, हो, संथाल, उराँव और मुंडा जनजातियों का त्योहार है। बाहा का अर्थ फूल होता है। यह त्योहार बसंत ऋतु के आगमन का स्वागतोत्सव है। इस त्यौहार में परंपरागत परिधानों में स्त्री पुरूष व बच्चे ढोल की थाप पर झूमते हैं।


Bamboo Craft
A village in Jamtara

Bamboo is a remarkable resource for driving economic development in many parts of Jharkhand. Bamboo basket-making is practiced as a household industry in the state by many artisans who make utilitarian products like furniture, screens, lamp stands and other accessories.

बांस शिल्प
जमतारा का एक गांव

बाँस झारखण्ड के कई क्षेत्रों में आर्थिक विकास की दृष्टि से उल्लेखनीय संसाधन है। बाँस की टोकरी बनाने का काम राज्य में कई कारीगरों द्वारा कुटीर उद्योग के रूप में प्रचलित है, जो फर्नीचर, परदा, दीपक स्तंभ और कई उत्पाद तैयार करते है।


Rice Cultivation
Massanjore, Dumka

Rice paddy is a major crop of Jharkhand and a large area of about 14.8 lakh hectares is utilised for rice cultivation. Methods of growing rice in the state is mostly through the traditional hand methods of cultivating and harvesting rice.

चावल की खेती
मसनजोर, दुमका

धान झारखण्ड का एक प्रमुख फसल है और इसके लगभग 14.8 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में चावल की खेती की जाती है। राज्य में चावल उपजाने की विधियों में परंपरागत रूप में हाथ से बुवाई व कटाई मुख्य है।